शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) स्टडी सेंटर की स्थापना जुलाई 2021 में इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) में की गई थी। यह सेंटर एक खास रिसर्च और नॉलेज प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करता है, जो ऑर्गनाइजेशन और बड़े क्षेत्र में भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत को बढ़ावा देकर SCO के साथ भारत की भागीदारी को सपोर्ट करता है।
SCO स्टडी सेंटर SCO क्षेत्र में राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास पर पॉलिसी-ओरिएंटेड रिसर्च करता है, जिसमें खास तौर पर सेंट्रल एशिया और यूरेशिया पर ध्यान दिया जाता है। यह कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, एक्सपर्ट कंसल्टेशन, लेक्चर और बातचीत भी आयोजित करता है। रिसर्च, आउटरीच और पब्लिकेशन के ज़रिए, यह सेंटर भारत-SCO संबंधों की अकादमिक और पॉलिसी समझ को मज़बूत करता है और सही जानकारी वाली राय बनाने में योगदान देता है।
SCO फोरम एक मल्टीलेटरल बौद्धिक और विश्लेषणात्मक तंत्र है जो SCO की गतिविधियों को एक्सपर्ट सपोर्ट देता है और सदस्य देशों के थिंक टैंक के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। ICWA भारत की ओर से SCO फोरम के लिए नॉमिनेटेड नेशनल रिसर्च सेंटर (थिंक टैंक) है। चूंकि ICWA ने 2024-25 के लिए फोरम की अध्यक्षता की, इसलिए SCO स्टडी सेंटर ने मई 2025 में नई दिल्ली में XX SCO फोरम मीटिंग का आयोजन किया।
SCO स्टडी सेंटर ने जनवरी 2020 में SCO सेक्रेटरी जनरल एम्बेसडर व्लादिमीर नोरोव और फरवरी 2025 में सेक्रेटरी जनरल श्री नुरलान येरमेकबायेव द्वारा दिए गए लेक्चर की मेज़बानी की है। यह सेंटर SCO सदस्य देशों द्वारा आयोजित अकादमिक कार्यक्रमों में भारतीय एक्सपर्ट की भागीदारी को भी आसान बनाता है।
खास बात यह है कि शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद के तियानजिन घोषणापत्र 2025 में सांस्कृतिक और मानवीय आदान-प्रदान को मज़बूत करने में ICWA के SCO स्टडी सेंटर के योगदान का उल्लेख किया गया है।
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