विश्व मामलों की भारतीय परिषद

सप्रू हाउस, नई दिल्ली
डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. 6 वें हिंद महासागर संवाद [IOD] मे, नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2019।
डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. 6 वें हिंद महासागर संवाद [IOD] मे, नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2019।
डॉ. ए. अप्पोरादाई, पूर्व महासचिव, विश्वमामलों कि भारतीय परिषद् के जीवन और कार्यों का स्मरण करते हुए, 10 दिसम्बर 2019.
डॉ. ए. अप्पोरादाई, पूर्व महासचिव, विश्वमामलों कि भारतीय परिषद् के जीवन और कार्यों का स्मरण करते हुए, 10 दिसम्बर 2019.
श्री वी. मुरलीधरन, राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय और संसदीय मामले द्वारा
श्री वी. मुरलीधरन, राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय और संसदीय मामले द्वारा "टेकिंग स्टोक ऑफ़ इंडिया-लेटिन अमेरिका एंड कैरेबियन रिलेशन" विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में विशेष संबोधन देते हुए, 8 अगस्त, 2019.
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 17वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए (4 अक्टूबर 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 17वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए (4 अक्टूबर 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 'बदलते वैश्विक परिवेश में भारत-अफ्रीका साझेदारी: प्राथमिकताएँ, संभावनाएँ और चुनौतियाँ’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में समापन सत्र को संबोधित करते हुए (सप्रू हाउस, 4 सितंबर, 2019)
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, वि.मा.भा.प., 'बदलते वैश्विक परिवेश में भारत-अफ्रीका साझेदारी: प्राथमिकताएँ, संभावनाएँ और चुनौतियाँ’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में समापन सत्र को संबोधित करते हुए (सप्रू हाउस, 4 सितंबर, 2019)
महामहिम श्री माटामेला सिरिल रामफ़ोसा, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा प्रथम इब्सा (IBSA) गांधी-मंडेला मेमोरियल फ्रीडम व्याख्यान दिया गया | इस अवसर पर डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. द्वारा भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए, नई दिल्ली, 25 जनवरी, 2019.
महामहिम श्री माटामेला सिरिल रामफ़ोसा, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा प्रथम इब्सा (IBSA) गांधी-मंडेला मेमोरियल फ्रीडम व्याख्यान दिया गया | इस अवसर पर डॉ. टी.सी.ए. राघवन, महानिदेशक, वि.मा.भा.प. द्वारा भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए, नई दिल्ली, 25 जनवरी, 2019.
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, आईसीडब्ल्यूए, परिषद के  प्रकाशन का विमोचन करते हुए, 4 सितंबर 2019
श्री एम. वेंकैया नायडू, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और अध्यक्ष, आईसीडब्ल्यूए, परिषद के प्रकाशन का विमोचन करते हुए, 4 सितंबर 2019
महामहिम प्रो. तिजजानी मुहम्मद-बंदे, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष,
महामहिम प्रो. तिजजानी मुहम्मद-बंदे, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के निर्वाचित अध्यक्ष, "74 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए प्राथमिकताएं" विषय पर अभिभाषण देते हुए, 2 सितंबर 2019.
प्रो. डेविड न्यूमैन, मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय, बेन-गुरियन विश्वविद्यालय
प्रो. डेविड न्यूमैन, मानविकी और सामाजिक विज्ञान संकाय, बेन-गुरियन विश्वविद्यालय "इजरायल के चुनाव और इजरायल-फिलिस्तीन शांति प्रक्रिया के भविष्य" विषय पर व्यख्यान देते हुए, 7 मई, 2019.
श्री तिलक देवाशरे द्वारा लिखित पुस्तक:
श्री तिलक देवाशरे द्वारा लिखित पुस्तक: "पाकिस्तान: द बलूचिस्तान कॉनड्रम", [आईसीडब्ल्यूए और हार्पर कॉलिन्स इंडिया पब्लिकेशन] पुस्तक का विमोचन एवम परिचर्चा, 22 अगस्त 2019.
श्री वी. श्रीनिवास, आईएएस, अतिरिक्त सचिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, “एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक-एशिया में इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के बदलते स्वरूप” विषय पर व्याख्यान देते हुए, 14 मई 2019.
श्री वी. श्रीनिवास, आईएएस, अतिरिक्त सचिव, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, “एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक-एशिया में इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के बदलते स्वरूप” विषय पर व्याख्यान देते हुए, 14 मई 2019.
राजदूत निरुपमा राव, भूतपूर्व विदेश सचिव, भारत सरकार, वर्तमान संदर्भ में भारत-श्रीलंका संबंधों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले सत्र की अध्यक्षता करती हुयी, 29 अगस्त 2019
राजदूत निरुपमा राव, भूतपूर्व विदेश सचिव, भारत सरकार, वर्तमान संदर्भ में भारत-श्रीलंका संबंधों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले सत्र की अध्यक्षता करती हुयी, 29 अगस्त 2019

अध्यक्ष आईसीडब्ल्यूए

भारत के माननीय उपराष्ट्रपति, श्री एम वेंकैया नायडू भारतीय विश्व मामलों की परिषद के पदेन अध्यक्ष हैं।

महानिदेशक आईसीडब्ल्यूए

डॉ टी सी ए राघवन महानिदेशक विश्व मामलों की भारतीय परिषद (24 जुलाई 2018 के बाद)

आईसीडब्ल्यूए विश्लेषण

अस्वीकरण: विश्व मामलों की भारतीय परिषद के सभी प्रकाशनों में व्यक्त विचार और मत अध्येता के हैं और परिषद या इसके किसी भी पदाधिकारी की राय को प्रतिबिंबित नहीं करते।

20 फरवरी
2020

डॉ. अन्वेषा घोष

अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका के हटने के साथ, दक्षिण एशियाई क्षेत्र अपने पड़ोस में एक और ‘नाटक’ शुरू होने का इंतजार कर रहा है। अफ़ग़ानिस्तान के लोग चार दशकों से अधिक...

19 फरवरी
2020

डॉ. अन्वेषा घोष

वर्ष 1979 कीसौर क्रांति के साथअफगानिस्तान से बड़े पैमाने पर और अभूतपूर्व रूप शरणार्थियों का प्रवाहआरंभ हुआ। अफ़गानों के लिए पाकिस्तान और ईरान दो मुख्य आश्रय स्थल थे, पर...

19 फरवरी
2020

डॉ. अंकिता दत्ता

दिसंबर 2019 में मैड्रिड में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन [जिसे पक्षों का सम्मेलन (सीओपी) भी कहा जाता है] से अपेक्षा थी कि यह कार्बन बाजारों के लिए दिशानिर्देश सुदृढ़ कर विश्व...

14 फरवरी
2020

डॉ. प्रियंका पंडित

इस वर्ष 15 जनवरी को, चीन के वाईस प्रीमियर लिऊ हे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प ने अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में आंशिक युद्धविराम के प्रतीक के रूप “चरण एक” समझौते...

07 फरवरी
2020

डॉ. संकल्प गुरजर

वर्ष 2020 'ईयर ऑफ अफ्रीका' के 60 वर्षों को चिन्हित करता है। 1960 में, 17 अफ्रीकी राज्यों को स्वतंत्रता मिली और विश्व मंच पर अफ्रीका का ‘पदार्पण’ हुआ।1 उस एक वर्ष में, स्वतंत्र अफ्रीकी राज्यों की...

31 जनवरी
2020

डॉ. स्तुति बनर्जी

मध्य पूर्व क्षेत्र अब कई दशकों से अस्थिर रहा है। ईरान-इराक युद्ध, खाड़ी युद्ध, इराक युद्ध, आईएसआईएल, अल-कायदा और अल-नुसरा जैसे आतंकवादी संगठनों का उदय एवं यमन और...

सप्रू हाउस व्याख्यान माला

सप्रू हाउस व्याख्यान माला
34 वें सप्रू हाउस लेक्चर (SHL) द्वारा वितरित एच.ई. 2 सितंबर 2019 को "74 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए प्राथमिकताएं" पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के राष्ट्रपति-चुनाव, प्रो तिजानी मुहम्मद-बंदे।

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सप्रू हाउस लाइव वेबकास्ट Archive

आईसीडब्ल्यूए जर्नल

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परिषद का प्रमुख प्रकाशन 'इंडिया क्वार्टरली' (ए जर्नल ऑफ़ इंटरनेशनल अफेयर्स) है। यह 1945 में शुरू किया गया था और 2010 में प्रकाशन के अपने 66 वें वर्ष में प्रवेश किया था।

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मौखिक इतिहास परियोजना

विश्व मामलों की भारतीय परिषद का ओरल हिस्ट्री प्रोजेक्ट, जिसके तहत पूर्व वरिष्ठ भारतीय राजनयिकों ने सेवा में रहते हुए अपने अनुभव सुनाए, उन्हें राजदूत किशन एस राणा और राजदूत इशरत अजीज ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से संचालित किया। ओरल हिस्टरीज़ को एक बुकलेट फॉर्म में मुद्रित किया गया है, और आईसीडब्ल्यूए लाइब्रेरी, एमईए लाइब्रेरी और एफएसआई लाइब्रेरी में रखा गया है।

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राजनय की विरासत

"राजनय की विरासत" राजदूतों और वरिष्ठ राजनयिकों द्वारा लिखित पुस्तकों का एक गुलदस्ता है। यह विशेष संग्रह विश्व मामलों की भारतीय परिषद के पुस्तकालय में उपलब्ध है। इस संग्रह में हमारे राजदूतों द्वारा भारत के अन्य देशों के साथ अनुभवजन्य किस्से, संस्मरण, लघु कथाएँ, आत्मकथात्मक लेख और भारत के अन्य देशों के साथ संबंधों का छिद्रान्वेषण हैं।

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परिषद की पुस्तकें

पाकिस्तान: बलूचिस्तान कॉनड्रम - तिलक देवाशर
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फोटो गैलरी

परिषद की विरासत

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सप्रू हाउस पुस्तकालय