सारांश
मार्च 2026 में, उत्तर कोरिया की सर्वोच्च जन सभा (सुप्रीम पीपल्स असेंबली) ने अपने संविधान में संशोधन किया और दक्षिण कोरिया के साथ एकीकरण से जुड़ी सभी बातों को हटा दिया, जो दोनों कोरियाई देशों के रिश्तों में बड़ा परिवर्तन है। प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया को भविष्य के साझेदार के बजाय आधिकारिक तौर पर एक अलग और दुश्मन देश के रूप में परिभाषित करके, कोरिया के शांतिपूर्ण एकीकरण की संभावनाओं पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह लेख दक्षिण कोरिया के संस्थागत सुधारों, लोगों की सोच और सरकारी नीतियों का विश्लेषण कर इस संशोधन के प्रभाव की पड़ताल करता है। इन नीतियों का उद्देश्य लोगों का उत्साह कम होने के बावजूद एकीकरण के लिए समर्थन बनाए रखना है। लेख में यह तर्क दिया गया है कि लोगों का उत्साह कम होने और उत्तर कोरिया के संवैधानिक परिवर्तन के बावजूद, दक्षिण कोरिया की वर्तमान सरकार अनुच्छेद 4 के अनुसार एकीकरण को मुख्य लक्ष्य मानकर उस पर काम कर रही है।
परिचय
मार्च 2026 में, उत्तर कोरिया की सर्वोच्च जन सभा (सुप्रीम पीपल्स असेंबली) ने अपने संविधान से एकीकरण से जुड़ी सभी धाराओं को हटा दिया। संशोधित संविधान से ‘मातृभूमि का पुनर्मिलन’, ‘शांतिपूर्ण पुनर्मिलन’,1 जैसे शब्दों और तथाकथित ‘राष्ट्रीय पुनर्मिलन के तीन सिद्धांतों’ के संदर्भों को हटा दिया गया। इन सिद्धांतों में स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण पुनर्मिलन और राष्ट्रीय एकता शामिल थे, जिन्हें पहली बार जुलाई 1972 के संयुक्त बयान में प्रस्तावित किया गया था।2
यह संशोधन उन घटनाक्रमों का नतीजा है जिनकी शुरुआत 2024 में हुई थी, जब उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग–उन ने दक्षिण कोरिया को अपना मुख्य शत्रु घोषित कर दिया और दोनों कोरियाई देशों के बीच सहयोग वाली सभी संस्थाओं को खत्म कर दिया।3 वर्ष 1945 में कोरियाई प्रायद्वीप के बंटवारे के बाद से ही, दोनों देशों के संविधानों में एकीकरण को साझा राष्ट्रीय लक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया था,4 इसने 2026 के संशोधन को अंतर– कोरियाई संबंधों में अहम मोड़ बना दिया। इसके अलावा प्योंगयांग ने पुनर्मिलन का मेहराब (आर्क ऑफ रीयुनिफिकेशन) स्मारक को भी हटा दिया, जिसे उनके दादा किम इल सुंग के नेतृत्व में बनाया गया था।5
ऐसी घटनाओं से पता चलता है कि प्योंगयांग ने सियोल के साथ फिर से एक होने के अपने वादे को औपचारिक और प्रतीकात्मक रूप से समाप्त कर दिया है। दक्षिण कोरिया के लिए जिसके संविधान का अनुच्छेद 4 देश को शांतिपूर्ण एकीकरण के लिए प्रतिबद्ध करता है,6 यह उसके बुनियादी राष्ट्रीय लक्ष्यों में से एक के लिए सीधी चुनौती है। सियोल इस लक्ष्य को एक क्रमिक, चरणबद्ध और आपसी सहमति वाली एकीकरण प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करता है, और ज़ोर देकर कहता है कि वह जबरदस्ती या पूरी तरह से अपने में मिला लेने (एब्जॉर्प्शन) के ज़रिए एकीकरण को स्वीकार नहीं करेगा।7
इन देशों के बीच 38वीं पैरेलल पर एक मज़बूत सुरक्षा वाली सीमा है जो पूर्वोत्तर एशिया में लगभग 250 किमी लंबे विसैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में बंटी हुई है,8 इस वजह से दोनों तरफ रहने वाले लाखों कोरियाई लोगों के लिए एकीकरण न केवल एक संवैधानिक इच्छा है, बल्कि एक स्थायी भौगोलिक सच्चाई भी है।
जबकि प्योंगयांग ने “दो दुश्मन देशों” वाली संरचना को अपना लिया है,9 दक्षिण कोरिया एकीकरण को एक बुनियादी राष्ट्रीय आकांक्षा मानता है, क्योंकि इससे कोरियाई प्रायद्वीप को आर्थिक, जनसांख्यिकीय और सामाजिक लाभ मिलने की उम्मीद है।10 जो लक्ष्य कभी दोनों कोरियाई देशों का साझा था, प्योंगकांग के संवैधानिक संशोधन के बाद वह अब एक ऐसा बोझ बन गया है जिसे अकेले सियोल को ही उठाना है। इसलिए, इस लक्ष्य को जीवित रखने के लिए संस्थागत सुधारों और सार्थक नीतियों के माध्यम से जनता का वास्तविक समर्थन बनाए रखना बहुत आवश्यक है।
उत्तर कोरिया के संवैधानिक संशोधन पर दक्षिण कोरिया की संस्थागत प्रक्रिया
उत्तर कोरिया के संविधान में संशोधन से पहले ही, दक्षिण कोरिया ने राष्ट्रपति ली जे– म्युंग के शासन में अक्टूबर 2025 में अपने एकीकरण मंत्रालय का पुनर्गठन शुरू कर दिया था। इन सुधारों ने बातचीत, मानवीय सहयोग और आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता देकर पिछले प्रशासन के टकराव वाले रवैये को बदल दिया।11
यह बदलाव संवाद के रास्ते फिर से खोलने, अलग हुए परिवारों के मुद्दे को सुलझाने और पर्यटन, रेलवे कनेक्टिविटी, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में भावी सहयोग पर विचार करने की कोशिशों में नज़र आता है। इसमें 2016 से बंद पड़े केसोंग औद्योगिक परिसर को फिर से चालू करने की संभावना भी शामिल है। इन प्राथमिकताओं को दक्षिण कोरिया की 2026 की कार्य योजना,12 और अंतर– कोरियाई संबंधों के विकास पर 5वीं योजना (2026-2030) में शामिल किया गया था, इन दोनों योजनाओं में शांतिपूर्ण सह–अस्तित्व और साझा विकास पर ज़ोर दिया गया, साथ ही एकीकरण को दीर्घकालिक लक्ष्य के रूप में आगे बढ़ाने की बात कही गई।13
इसके सीधे जवाब में, एकीकरण मंत्रालय ने 18 मई 2026 को राष्ट्रपति ली के कार्यकाल में अपना पहला श्वेत पत्र जारी किया। इसमें पहली बार सरकारी भाषा में उत्तर और दक्षिण कोरिया को औपचारिक रूप से दो 'अलग– अलग देश' बताया गया। यह शोधपत्र उत्तर कोरिया की सरकार का सम्मान करते हुए और उसे अपने में मिलाकर एकीकरण करने के विचार को खारिज करते हुए, दुश्मनी के बजाय शांतिपूर्ण सह–अस्तित्व की नीति अपनाने का संकल्प लेता है।14
इस संशोधन ने सियोल को एकीकरण के प्रति अपने नज़रिए पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य किया है। इसलिए सियोल ने अधिक क्रमिक और व्यावहारिक रणनीति अपनाई है, जिसमें सह–अस्तित्व को भविष्य के किसी भी एकीकरण के लिए पूर्व शर्त माना गया है, साथ ही संवैधानिक दायित्वों का त्याग किए बिना तात्कालिक तनावों का प्रबंधन किया गया है, भले ही जनता की राय लगातार बदल रही हो।
एकीकरण पर दक्षिण कोरियाई जनमत
बीते दशक में दक्षिण कोरिया में एकीकरण को लेकर लोगों की सोच में बहुत परिवर्तन आया है। एकीकरण के लिए समर्थन 2014 में 69.3 प्रतिशत से कम होकर 2025 में 49 प्रतिशत हो गया जबकि 63.2 प्रतिशत दक्षिण कोरियाई लोगों ने बिना एकीकरण के शांतिपूर्ण सह–अस्तित्व को प्राथमिकता दी और उत्तर कोरिया के प्रति लोगों की उदासीनता बढ़कर 68.1 प्रतिशत हो गई।15
इस रुझान को समझने में कई बातें मदद करती हैं। इनमें से एक है आर्थिक बोझ की चिंता, एकीकरण और विकास पर होने वाले संभावित खर्चों के कारण दक्षिण कोरियाई लोगों के लिए यह मुख्य चिंता का विषय है। उत्तर कोरिया द्वारा 2024 में स्वयं को 'शत्रु देश' घोषित करने और सहयोग एजेंसियों को खत्म करने से एकीकरण में लोगों का विश्वास और कम हुआ है,16 जिससे एकीकरण की संभावना पर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषरूप से युवा पीढ़ी राष्ट्रीय एकता के बजाय रोज़मर्रा की चिंताओं, जैसे कि रोज़गार, आवास और आर्थिक स्थिरता को अधिक महत्व देती है।
उत्तर कोरिया से परमाणु खतरे ने भी बिना एकीकरण के शांतिपूर्ण सह–अस्तित्व के समर्थन को और मज़बूत किया है। इसके अलावा, बढ़ती उदासीनता युवा पीढ़ी की सोच को दिखाती है, यह पीढ़ी जातीय पहचान की बजाय वैश्विक पहचान के साथ बड़ी हुई है, जिससे उन्हें एकीकरण राष्ट्रीय कर्तव्य के बजाय विदेशी मामला अधिक लगता है।17
हालांकि, लोगों की सोच स्थिर नहीं होती और उत्तर एवं दक्षिण कोरिया के रिश्तों में बदलाव के साथ बदल सकती है। समर्थन में कोई भी सार्थक सुधार उत्तर कोरिया में किसी तत्काल राजनीतिक बदलाव के बजाय, तनाव कम करने की लगातार कोशिशों और प्योंगयांग के रुख में स्थायी बदलाव पर निर्भर करेगा। एकीकरण मंत्री चुंग डोंग–यंग ने साफ़ किया कि शांतिपूर्ण संबंधों के लिए जनता के समर्थन को एकीकरण छोड़ने के तौर पर नहीं समझा जाना चाहिए।18
जनता का समर्थन बहुत आवश्यक है क्योंकि सियोल के संवैधानिक आदेश के अनुसार, एकीकरण का लक्ष्य समाज की सच्ची आस्था पर आधारित होना चाहिए। जनता के इस समर्थन के बिना, केवल सरकारी नीतियां उस लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकतीं जिसकी मांग संविधान करता है।
संशोधन के बाद के माहौल में एकीकरण पर दक्षिण कोरियाई सरकार की नीतियां
मार्च 2026 में उत्तर कोरिया द्वारा संविधान में किए गए बदलावों के बाद, एकीकरण के लिए लंबे समय तक जनता का समर्थन बनाए रखने में दक्षिण कोरिया की कई मौजूदा नीतियों का महत्व और बढ़ गया।
एकीकरण शिक्षा समर्थन अधिनियम में 2026 में किए गए परिवर्तनों के तहत "शांतिपूर्ण एकीकरण" को एकीकरण शिक्षा का आधिकारिक लक्ष्य बनाया गया।19 इससे यह सुनिश्चित किया गया कि दक्षिण कोरिया का हर छात्र, अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि या राजनीतिक विचारों से परे, कक्षा की पढ़ाई के माध्यम से कोरिया के साझा इतिहास और पहचान के बारे में सीखता रहे, ताकि उनमें उदासीनता न आए क्योंकि इसके बिना, युवा पीढ़ी के बीच से एकीकरण का विचार पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
शिक्षा के अलावा, कोरिया हाना फाउंडेशन जो 2010 में एकीकरण मंत्रालय द्वारा सथापित गैर–लाभकारी सार्वजनिक संगठन है,20 उत्तर कोरिया से आए लोगों (डिफेक्टर्स) की मदद के लिए रोज़गार, शिक्षा और समाज में घुलने–मिलने जैसे उपाय कर रहा है। इससे दक्षिण कोरियाई लोगों को इन डिफेक्टर्स के साथ सहकर्मी, पड़ोसी और समुदाय के सदस्य के तौर पर जुड़ने का मौका मिलता है, न कि अजनबियों की तरह, इससे इस विचार को सामान्य बनाने में मदद मिलती है कि एकीकरण सामाजिक रूप से संभव है।21
वर्ष 2014 में शुरू हुए अलग हुए परिवारों के डीएन डेटाबेस प्रोग्राम में पहले केवल उन परिवारों की पहली पीढ़ी को शामिल किया गया था जो जीवित थे, लेकिन अब इसे अलग हुए परिवारों के बच्चों और पोते– पोतियों तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें विदेश में रहने वाले परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।22 इस विस्तार का मुख्य कारण आबादी से जुड़ी सच्चाई और मानवीय चिंताएं थीं।
ये सभी नीतियां मिलकर सियोल के उस संकल्प को दर्शाती हैं, जिसके तहत वह अपने संस्थागत और सार्वजनिक जुड़ाव के प्रयासों के ज़रिए एकीकरण के विचार को राष्ट्रीय लक्ष्य के रूप में बनाए रखना चाहता है।
निष्कर्ष
उत्तर कोरिया के मार्च 2026 के संविधान संशोधन ने कोरियाई एकीकरण की शर्तों को पूरी तरह बदल दिया है, इसने इसे एक साझा इच्छा से बदलकर अनिवार्य और एकतरफा लक्ष्य बना दिया है। दक्षिण कोरिया ने इसे छोड़ने के बजाय इसके अनुकूल ढलने का रास्ता चुना है जो संस्थागत सुधारों, लोगों की बदलती सोच और जन–केंद्रित नीतियों में स्पष्ट दिखता है।
मौजूदा हालात में, ली जे– म्युंग के प्रशासन के तहत ये घटनाक्रम सियोल की उन कोशिशों को दिखाते हैं जिनमें साथ मिलकर रहने को प्राथमिकता देते हुए एकीकरण की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। इस प्रकार, संविधान के अनुच्छेद 4 में की गई प्रतिबद्धता को व्यावहारिक नीतिगत ढांचे में बदला जा रहा है। फिर भी, इन कोशिशों के बावजूद एकीकरण का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव सियोल के नज़रिए को प्रभावित करते रहे हैं।
इसी कारण दक्षिण कोरिया एक ऐसे लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध बना हुआ है जिसे उसका पड़ोसी देश अब साझा नहीं करता क्योंकि उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने अंतर–कोरियाई संबंधों को "दो शत्रु देशों" की व्यवस्था के तौर पर देखते हुए दक्षिण के प्रति अपनी नीति की दिशा में बुनियादी बदलाव कर लिया है।
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*दीप्ति आनंद, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण:
[1] Jung Min-kyung, “North Korea’s Revised Constitution Reflects ‘Two Hostile States’ Doctrine,” The Korea Herald, October 2, 2025, https://www.koreaherald.com/article/10732176. Accessed June 9, 2026.
[2] Don Huh, “North Korea's New Constitution Deepens Split with Seoul,” Deutsche Welle, July 10, 2025, https://www.dw.com/en/north-koreas-new-constitution-deepens-split-with-seoul/a-77195733. Accessed June 9, 2026.
[3] Brad Lendon and Gawon Bae, “North Korea’s Kim Vows to Dismantle Father’s Unification Arch as He Declares South Korea ‘Principal Enemy’,” CNN, January 16, 2024, https://edition.cnn.com/2024/01/16/asia/north-korea-kim-unification-arch-intl-hnk. Accessed June 9, 2026.
[4] Salma Putri Manora, “Explaining North Korea’s Abandonment of Korean Unification: External Pressures and Domestic Political Dynamics,” WILAYAH: The International Journal of East Asian Studies 15, no. 1 (2026):1-15, https://doi.org/10.22452/IJEAS.vol15no1.1. Accessed June 9, 2026.
[5] Robert King, “North Korea’s New Constitution Buries the Reunification Project,” Korea Economic Institute of America, May 21, 2026, https://keia.org/analysis/north-koreas-new-constitution-buries-the-reunification-project/. Accessed June 9, 2026.
[6] “Constitution of the Republic of Korea,” Korea Legislation Research Institute, n.d., https://www.law.go.kr/LSW/eng/engLsInfoR.do?lsiSeq=61603. Accessed June 9, 2026.
[7] Associated Press, “South Korea's President Vows to Restore 2018 Inter-Korean Military Agreement to Ease Tensions,” NBC News, July 25, 2025, https://www.nbcnews.com/world/south-korea/south-koreas-president-vows-restore-2018-inter-korean-military-agreeme-rcna225165. Accessed June 9, 2026.
[8] “Korea to Shorten Civilian Control Line-DMZ Distance to as Little as 5 km: Defense Chief,” Yonhap News Agency,The Korea Times, September 16, 2025, https://www.koreatimes.co.kr/southkorea/defense/20250916/korea-to-shorten-civilian-control-line-dmz-distance-to-as-little-as-5-km-defense-chief. Accessed June 9, 2026.
[9] Jung Min-kyung, “North Korea’s Revised Constitution Reflects ‘Two Hostile States’ Doctrine,” Korea Herald, October 2, 2025, https://www.koreaherald.com/article/10732176. Accessed June 9, 2026.
[10] 외교부 (Ministry of Foreign Affairs, Republic of Korea), The Significance of a Unified Korea and Its Advantages and Implications, 외교부, https://share.google/NUZ0ozaVSRdaRAFh3. Accessed June 9, 2026.
[11] Ji Da-gyum, “South Korean Unification Ministry Reshuffle Aims at Reviving Dialogue, Economic Cooperation with North Korea,” Asia News Network, September 30, 2025, https://asianews.network/south-korean-unification-ministry-reshuffle-aims-at-reviving-dialogue-economic-cooperation-with-north-korea/. Accessed June 10, 2026.
[12] Ministry of Unification, “Toward 2026 as the Inaugural Year of Peaceful Coexistence on the Korean Peninsula,” Ministry of Unification, December 23, 2025, https://www.unikorea.go.kr/web/eng_unikorea/bbs/bbs_0000000000000034/54767?cp=1&sortOrder=BA_REGDATE&sortDirection=DESC&bcId=bbs_0000000000000034&baNotice=false&baCommSelec=false&baOpenDay=false&baUse=true. Accessed June 10, 2026.
[13] Ministry of Unification, “1st Inter-Korean Relations Development Committee of 2026 Convenes, Reviews 5th Master Plan on Development of Inter-Korean Relations,” Ministry of Unification, March 14, 2026, https://www.unikorea.go.kr/web/eng_unikorea/bbs/bbs_0000000000000034/54824?cp=1&sortOrder=BA_REGDATE&sortDirection=DESC&bcId=bbs_0000000000000034&baNotice=false&baCommSelec=false&baOpenDay=false&baUse=true. Accessed June 10, 2026.
[14] Robert King, “North Korea’s New Constitution Buries the Reunification Project,” Korea Economic Institute of America (KEIA), January 30, 2025, https://keia.org/analysis/north-koreas-new-constitution-buries-the-reunification-project/. Accessed June 10, 2026.
[15] Sang sin Lee et al., KINU Unification Survey 2025: Executive Summary, Korea Institute for National Unification (KINU), 2025,https://www.kinu.or.kr/eng/module/report/view.do?nav_code=eng1691113830&category=76&idx=128339. Accessed June 10, 2026.
[16] Ji Da-gyum, “Public Support in South Korea for Unification Dips Below 50% for 1st Time: Poll,” Asia News Network, October 21, 2025, https://asianews.network/public-support-in-south-korea-for-unification-dips-below-50-for-1st-time-poll/. Accessed June 10, 2026.
[17] Alex Wilson and Yoojin Lee, “South Korean Support for Reunification, US Alliance Drops in Annual Government Survey,” Stars and Stripes, October 22, 2025, https://www.stripes.com/theaters/asia_pacific/2025-10-22/south-north-korea-unification-alliance-19504040.html. Accessed June 10, 2026.
[18] “Gallup: 64.6% of S. Koreans View N. Korea As Separate State,” KBS World, July 4, 2025, https://world.kbs.co.kr/service/news_view.htm?lang=e&Seq_Code=198054. Accessed June 10, 2026.
[19] Jung Min-kyung, “Unification Education Law Revised to Reflect Current Policy,” The Korea Herald, April 1, 2026, https://www.koreaherald.com/article/10707798. Accessed June 11, 2026.
[20] “Who We Are,” Korea Hana Foundation, n.d., https://www.koreahana.or.kr/home/eng/contents.do?menuPos=2. Accessed June 11, 2026.
[21] Ministry of Unification, “South-North Korea Exchanges and Cooperation Support Association and Korea Hana Foundation to Present 2026 Work Plan,” Ministry of Unification, December 26, 2025,https://www.unikorea.go.kr/web/eng_unikorea/bbs/bbs_0000000000000034/54775?cp=1&sortOrder=BA_REGDATE&sortDirection=DESC&bcId=bbs_0000000000000034&baNotice=false&baCommSelec=false&baOpenDay=false&baUse=true. Accessed June 11, 2026.
[22] “S. Korea Funds Inter-Korean Projects, Separated-Family DNA Tests,” United Press International, January 22, 2026, https://www.upi.com/Top_News/World-News/2026/01/22/funding-for-inter-korean-exchange-cooperation-projects/8131769137537/. Accessed June 11, 2026.