सारांश: फिलीपींस का प्रवासन मॉडल अपनी संस्थागत कल्याण और युद्ध प्रबंधन प्रणालियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय प्रवासन शासन (माइग्रेशन गवर्नेंस) के लिए मानक के रूप में काम करता है। लेख में यह तर्क दिया गया है कि फिलीपींस के प्रासंगिक तौर– तरीकों को अपनाने से उन देशों के प्रवासन शासन की संरचना को मज़बूती मिलेगी जो दूसरे देशों में काम करने के लिए नागरिकों को भेजते हैं।
परिचय
फिलीपींस प्रवासियों की आपूर्ति करने वाला महत्वपूर्ण देश है। फिलीपींस से काम, शिक्षा या बेहतर जीवन की तलाश में दूसरे देशों का रुख करने वालों यानि फिलिपिनो प्रवासियों की अनुमानित संख्या 70 लाख (7 मिलियन) है। ये प्रवासी मज़दूर अकुशल या कम–कुशल होते हैं जो खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों– विशेष रूप से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और क़तर एवं यूरोपीय देशों में काम करने जाते हैं। कुल विदेशी नियुक्तियों में इन देशों की हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत है। वर्ष 2024 में काम पर रखे गए 21.9 लाख विदेशी फिलिपिनो कर्मियों (OFWs) में से 57.2 प्रतिशत महिलाएं थीं जो मुख्य रूप से कम–कुशलता वाले कार्यों जैसे कि घरेलू कामकाज, सफाई और सामान्य रखरखाव के कामों के लिए नियुक्त की गई थीं।[i] वर्ष 2024 में, विदेशों में काम करने वाले फिलीपींस के लोगों (OFWs) द्वारा भेजी गई व्यक्तिगत रकम 38.34 अरब डॉलर तक पहुँच गई जो देश की जीडीपी का 8.3 प्रतिशत है, यह फिलीपींस के प्रवासियों का संस्थाओं पर विश्वास दर्शाता है।[ii]
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) फिलीपींस की प्रवासन प्रणाली को 'सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन हेतु वैश्विक समझौते का पैरोकार (GCM)' के तहत 'ग्लोबल चैंपियन' के तौर पर मान्यता देता है।[iii] यह पहचान इसके मज़बूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क की वजह से मिली है जिसमें चार– स्तरीय युद्ध–जोखिम वर्गीकरण, पहले से निर्धारित प्रत्यावर्तन निधि, अनिवार्य पंजीकरण और आपातकालीन कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। ये सभी उपाय उन्हें सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए कानूनों और संस्थाओं द्वारा निर्धारित किए गए हैं।
इस शोधपत्र का उद्देश्य फिलीपींस द्वारा अपनाए गए नियामक और संस्थागत तरीकों का विश्लेषण करना है ताकि उन बेहतरीन तौर– तरीकों को समझा जा सके, जिन्हें दूसरे श्रमिक भेजने वाले देश अपना सकते हैं।
नियामक और संस्थागत व्यवस्थाएं
फिलीपींस सरकार मज़दूरों के प्रवास को संतुलित विकास का एक अहम हिस्सा मानती है और उसने एक ठोस प्रवासन शासन रुपरेखा के माध्यम से विदेशों में मज़दूरों की आवाजाही को संस्थागत रूप दिया है। फिलीपींस में कल्याणकारी संरचना 1974 में लेबर कोड के साथ बनाया गया था, जिसके तहत श्रमिकों के निर्यात को विनियमित करने के लिए ओवरसीज़ एम्प्लॉयमेंट डेलवपमेंट बोर्ड और नेशनल सीमेन्स बोर्ड का गठन किया गया। इसके अलावा, 1995 का रिपब्लिक एक्ट (RA) 8042 जिसे माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट के नाम से भी जाना जाता है, ओएफडब्ल्यू (OFW– विदेश में काम करने वाले फिलीपींस के नागरिक) के कल्याण के लिए सरकार का पहला ठोस कदम था। इस एक्ट के तहत विदेश जाने से पहले सेमिनार, एम्प्लॉयर कॉन्ट्रैक्ट की जांच और फिलीपींस प्रवासी श्रम कार्यालय (POLO) की स्थापना को अनिवार्य बनाया गया। तब से, POLO का विकास प्रवासी श्रमिक विभाग (DMW) के रूप में हुआ है जो उन देशों में OFW (विदेशी प्रवासी कामगारों) को मदद एवं कल्याणकारी सेवाएं प्रदान करता है, जहाँ वे काम करते हैं।[iv]
वर्ष 2010 में आरए (RA) 10022 के माध्यम से पहले कानून में किए गए संशोधन ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर सरकारी निगरानी को ज़रूरी बना दिया और मेज़बान देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों को पक्का किया, जिससे संस्थागत क्षमता मज़बूत हुई। इन सुधारों ने विदेशी तैनाती के विनियमन में फिलीपींस प्रवासी रोजगार प्रशासन (POEA) की जवाबदेही को मज़बूत किया और तैनाती के अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन करने में विफल रहने वाले सरकारी अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया।[v]
आगे चल कर, 2021 में, आरए (RA) 11641 के पिछले सभी कानूनों को मिलाकर एक व्यापक ढांचा तैयार किया, जिसके तहत प्रवासी कामगार विभाग बनाया गया। इससे विदेश में काम करने वाले फिलीपींस के नागरिकों (OFWs) की सुरक्षा केवल संकट के समय की प्रतिक्रिया न रहकर कानूनी ज़िम्मेदारी बन गई।[vi] फिलीपींस में, विदेश मामलों के विभाग (DFA) ने श्रम और रोज़गार विभाग (DOLE) के साथ मिलकर, आपातकालीन स्थितियों में लोगों को भेजने पर रोक और उन्हें वापस लाने के लिए चार– स्तरीय संकट अलर्ट सिस्टम को मंज़ूरी दी है। पहला स्तर ‘एहतियाती चरण’ है, जिसमें सरकार फिलीपींस के लोगों को अस्थिरता, आंतरिक अशांति या बाहरी खतरे के शुरुआती संकेतों के बारे में आगाह करती है। इसके बाद दूसरा चरण आता है, जिसे ‘प्रतिबंध चरण’ कहा जाता है, यह तब लागू किया जाता है जब फिलीपींस के लोगों की जान– माल की सुरक्षा को खतरा होता है।
इस चरण में, उन्हें अपनी आवाजाही सीमित करने और ज़रूरत पड़ने पर वहाँ से निकलने की तैयारी करने की सलाह दी जाती है, साथ ही किसी भी नई तैनाती पर रोक लगा दी जाती है। तीसरा अलर्ट स्टेज 'स्वैच्छिक वापसी' का है, जो देश के कुछ हिस्सों में सक्रिए हिंसा या बाहरी हमले की स्थिति में लागू होता है। OFW को सलाह दी जाती है कि वे अपनी मर्ज़ी से फिलीपींस लौट आएं– चाहे इसके लिए नियोक्ता या सरकार खर्च उठाए– और साथ ही वहाँ ने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। आखिरी चरण 'अनिवार्य वापसी' का है, जिसमें बड़े पैमाने पर युद्ध या व्यापक संघर्ष की स्थिति में सरकार लोगों को अनिवार्य रूप से सुरक्षित बाहर निकालने की रणनीति अपनाती है।[vii]
फिलीपींस सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जो तैनाती पर रोक लगाई है, वह बहुत ही व्यवस्थित और लगातार अपनाई जाने वाली प्रतिक्रिया को दिखाती है। पिछले तीन दशकों में इथियोपिया और लीबिया के साथ– साथ कई जीसीसी (GCC) देशों ने भी तैनाती पर रोक लगाई है। वर्ष 2023 में इज़रायल पर हमास के हमले के बाद ओएफडब्ल्यू (OFW) की तैनाती तुरंत रोक दी गई थी और इसके बाद जून 2025 में ईरान, जॉर्डन, इज़रायल और लेबनान में अलर्ट 3 लागू किया गया।[viii]
इसी तरह, अप्रैल 2023 में सूडान में हुए युद्घ से भी इस व्यवस्था के काम करने का एक और उदाहरण मिलता है। फिलीपींस ने अलर्ट लेवल 3 लागू किया,[ix] जिसके तहत विदेश भेजने पर पूरी तरह से रोक लग गई और प्रवासी श्रमिक कल्याण प्रशासन (OWWA) अधिकारियों ने लोगों की वापसी और उन्हें सुरक्षित निकलने की प्रक्रिया में मदद की।
इसके अलावा, OWWA की व्यवस्था से कल्याण का एक पहले से बना– बनाया ढांचा तैयार होता है और सरकार की सीधी भागीदारी के बिना ही OFWs की सुरक्षा होती है। आपातकालीन स्वदेश वापसी कोष, मेज़बान देश की नीतियों को ध्यान में रखते हुए, OFW (विदेश में काम करने वाले नागरिक) को हवाई टिकट, एयरपोर्ट पर मदद, ट्रांजिट आवास, ट्रांसपोर्ट में मदद, मेडिकल सहायता और मनो–सामाजिक काउंसलिंग जैसी सुविधाएं देता है। इसे किसी संकट के समय मदद करने वाले फंड की बजाय पहले से मौजूद संसाधनों के तौर पर उपलब्ध कराया जाता है।[x]
फिलीपींस लौटने के बाद OFW (विदेश में काम करने वाले फिलीपींस के नागरिक) के फिर से बसने में मदद का काम OWWA के साथ मिलकर विदेशी फिलीपीन कामगारों के लिए राष्ट्रीय पुनर्एकीकरण केंद्र (NRCO) करता है। NRCO वापस लौटने वाले प्रवासी मज़दूरों और उनके परिवारों को फिर से बसाने में मदद के लिए बड़ा बजट देता है जिसमें साइकोसोशल काउंसलिंग और आर्थिक रूप से फिर से बसाने, दोनों पर ध्यान दिया जाता है।[xi]
आखिर में, फिलीपींस के कल्याण प्रणाली की संरचनात्मक रूपरेखा में ज्वाइंट एंड सेवरल लायबिलिटी रूल (संयुक्त एवं पृथक ज़िम्मेदारी नियम) अक्सर नज़रअंदाज़ किए जाने वाला पहलू है। आरए (RA) 10022 में कहा गया है कि किसी भी और सभी दावों के लिए मुख्य नियोक्ता (प्रिंसिपल/ नियोक्ता) और भर्ती या प्लेसमेंट एजेंसी की ज़िम्मेदारी संयुक्त और अलग– अलग होगी।[xii] इसका मतलब है कि OFW के अनुबंध से जुड़े किसी भी दावे या नुकसान के लिए निजी भर्ती एजेंसी के कॉर्पोरेट अधिकारियों, व्यक्तिगत भागीदारों एवं निदेशकों को भी ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है।[xiii]
प्रवासी भेजने वाले देशों के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणाली और सबक
अलग– अलग देशों के सामाजिक– आर्थिक और जनसांख्यिकीय अंतर को देखते हुए, फिलीपींस के माइग्रेशन मॉडल को पूरी तरह से अपनाना व्यावहारिक नहीं होगा। इसके बजाय भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे ग्लोबल साउथ के देशों में, जहाँ से बड़ी संख्या में लोग काम के लिए बाहर जाते हैं, वहाँ प्रवासन से जुड़े वर्तमान प्रणाली के साथ मेल खाने वाले इस मॉडल के कुछ हिस्सों की पहचान करना और उन्हें अपनाना ज़रूरी है।
सबसे पहले, फिलीपींस में DFA के जोखिम रैंकिंग सिस्टम के साथ– साथ, तैनाती की प्रक्रियाओं को जारी रखा जाए या रोका जाए, यह तय करने के लिए युद्ध–जोखिम वर्गीकरण प्रणाली बनाना ज़रूरी है। दूसरा, फिलीपींस के DMW जैसा एक खास विभाग बनाना फायदेमंद होगा, जो विदेशों में नौकरी की देखरेख करे और यह पक्का करे कि जाने से पहले अनुबंध की जांच हो, जिसमें आवश्यक कल्याणकारी और बीमा प्रावधान शामिल हों। तीसरी बात, OWWA मॉडल पर आधारित और पहले से तैयार एक विशेष आपातकालीन स्वदेश वापसी कोष संकट के समय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। चौथा, अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के अनुरूप द्विपक्षीय श्रम समझौते किए जाने चाहिए, साथ ही कल्याणकारी प्रावधान भी शामिल होने चाहिए जिन्हें लागू किया जा सके और जिनकी निगरानी अनिवार्य संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से की जाए।
आखिर में, सभी कुशल स्तर के प्रवासियों के लिए उनके कल्याण का समावेशी ढांचा बनाने के मकसद से, उन्हें ज़रूरी मामलों– जैसे कि श्रम कानून, कल्याणकारी कार्यक्रम, स्थानीय संस्कृति, काम का माहौल और इमरजेंसी के समय मदद पाने के तरीके पर व्यापक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
फिलीपींस का प्रवासन मॉडल केवल एक नीति को लागू किए जाने का परिणाम नहीं है बल्कि यह 50 वर्षों में लगातार संस्थागत सीख और अलग– अलग संकटों के हिसाब से खुद को ढालने की प्रक्रिया से विकसित हुआ है। चार– स्तरीय जोखिम मूल्यांकन संरचना, रवानगी से पहले कल्याण और बीमा की व्यवस्था, लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया और पहले से तैयारी वापसी फंड जैसी व्यवस्थाएं अच्छी तरह से स्थापित हैं और इनका ट्रैक रिकॉर्ड भी सफल रहा है। यह मॉडल दिखाता है कि लगातार विप्रेषित धन का आना और प्रवासन का प्रभावी प्रबंधन, महज संयोग नहीं बल्कि संरचनात्मक रूप से एक– दूसरे से जुड़े हुए हैं।
जिन देशों में बड़ी संख्या में लोग विदेश में काम करते हैं, वे फिलीपींस मॉडल के ज़रूरी बुनियादी तत्वों से काफी लाभ उठा सकते हैं। इसी तरह, भारत में विदेश आवागमन (सुविधा एवं कल्याण) विधेयक 2025, जो वर्तमान में परामर्श चरण में है, फिलीपींस जैसे देशों में अपना गए टकराव– संवेदनशील प्रवासन शासन प्रणाली को अपनाने का एक अवसर प्रदान करता है।
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*हरिणी आर, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण:
[i] Philippine Statistics Authority. “Results of the 2024 Overseas Filipino Workers,” Philippine Statistics Authority, December 2025. https://psa.gov.ph/system/files/iesd/SOF-2024-Special-Release.pdf
[ii] Adhikari, Jeevan. “Labour Migration Market and Policy Failure: A Comparative Study of the Philippines and Nepal,” Journal of International Development, 2024. https://onlinelibrary.wiley.com/doi/full/10.1002/jid.3865
[iii] International Organization for Migration. “Reimagining Human Mobility,” ReliefWeb, 2020. https://reliefweb.int/report/philippines/reimagining-human-mobility
[iv] Ambito, Julyn S. and Banzon, Melissa Suzette L. “Review of Philippine Migration Laws and Regulations: Gains, Gaps, Prospects,” Philippine Institute for Development Studies, Discussion Paper No. 2011-37, 2011. https://pidswebs.pids.gov.ph/CDN/PUBLICATIONS/pidsdps1137.pdf
[v] Ibid.
[vi] Asian Development Bank. “Department of Migrant Workers Act, Republic Act No. 11641, Philippines,” Labour and Rights Programme, 2021. https://lpr.adb.org/resource/department-migrant-workers-act-republic-act-no-11641-philippines
[vii] International Organization for Migration. "Crisis Alert System," MICIC Initiative, n.d. https://micicinitiative.iom.int/crisis-alert-system-0
[viii]“List of Deployment Bans on Overseas Filipino Workers,” Wikipedia, accessed June 2026. https://en.wikipedia.org/wiki/List_of_deployment_bans_on_Overseas_Filipino_Workers
[ix] “List of Deployment Bans on Overseas Filipino Workers.” Op. cit.
[x] Overseas Workers Welfare Administration. “Repatriation,” OWWA, accessed June 2026. https://owwa.gov.ph/repatriation/
[xi] Adhikari. Op. cit.
[xii] Republic of the Philippines. Republic Act No. 10022, 2010. https://lawphil.net/statutes/repacts/ra2010/ra_10022_2010.html
[xiii] Ambito & Banzon. Op. cit.