सारांश: जापान के उन्नत मोगामी– श्रेणी के युद्धपोतों को ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के सतही जहाजों की जगह लेने के लिए चुन लिए जाने के साथ ही जापान ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली। युद्धोत्तर काल में, विशेष रूप से दशकों के युद्धोत्तर शांतिवाद के बाद, 2014 में, टोक्यो द्वारा रक्षा निर्यात पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद, यह जापान द्वारा किया गया पहला परिचालन युद्धपोत निर्यात होगा। इस सौदे की सफलता रक्षा क्षेत्र में जापान के रक्षा उद्योग के पदार्पण के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक रक्षा बाज़ार की गतिशीलता को नया रूप दे सकती है।
परिचय
5 अगस्त 2025 को ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने औपचारिक रूप से जापान की मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (एमएचआई/MHI) द्वारा उन्नत मोगामी श्रेणी के युद्धपोत को अपनी अगली पीढ़ी के सामान् प्रयोजन वाले युद्धपोतों हेतु पसंदीदा डिज़ाइन के रूप में चुना।[i] ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने फरवरी 2024 में अपनी नौसेना में आमूलचूल परिवर्तन की योजना की घोषणा की थी।[ii] रिपोर्टों की मानें तो ऑस्ट्रेलियाई सरकार लगभग 10 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की कुल लागत से 11 युद्धपोत (जापान में तीन, ऑस्ट्रेलिया में आठ) बनाने का इरादा रखती है,[iii] जिसकी पहली खेप 2029 में दिया जाना तय है और साल 2030 से ये युद्धपोत सेवा देना शुरू कर देंगे।[iv] वार्ता के बाद विशिष्ट अनुबंध पर 2026 में हस्ताक्षर होने की आशा है।[v]

चित्र: जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल (जेएमएसडीएफ/ JMSDF) का मोगामी– श्रेणी का योद्धपोत जेएस नियोडो (एफएफएम– 7/ FFM-7) अज्ञात स्थान पर [स्रोत: एएफपी के माध्यम से ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल]
जापान के उन्नत मोगामी श्रेणी के युद्धपोत का चुनाव जर्मनी के थिसेनक्रुपमेको ए– 200( ThyssenKrupp MEKO A-200) पोत के विरुद्ध, लागत, क्षमताओं और समय– सारिणी के समग्र मूल्यांकन पर आधारित सख्त और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद किया गया।[vi] ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह चयन एक मोगामी श्रेणी के योद्धपोत की क्षमता पर आधारित था, यहाँ तक कि उन्होंने पोत की गुप्त क्षमताओं और इस तथ्य का भी हवाला दिया कि इसकी क्षमता मात्र “90 नाविकों की है जो ऑस्ट्रेलिया के पुराने एन्ज़ैक श्रेणी के युद्धपोत के चालक दल का आधा है।”[vii]
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (एडीएफ/ADF) की मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, पहले तीन युद्धपोत जापान में बनाए जाने की उम्मीद है,[viii] और बाकी के आठ पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई राज्य ऑस्टल में बनाए जाएंगे।[ix] उन्नत मोगामी श्रेणी का युद्धपोत, संयुक्त डीजल/ गैस (सीओडीएजी/CODAG) प्रणोदन प्रणाली से लैस है,[x] जिसकी मारक क्षमता 10,000 समुद्री मील (18,520 किलोमीटर) तक है और इसमें 32 सेल वर्टिकल लॉन्च सिस्टम है जो लंबी दूरी की मिसाइलों, सतह– से– हवा में मार करने वाली मिसाइलों और जहाज– रोधी मिसाइलों को दागने में सक्षम है।[xi]
जापान– ऑस्ट्रेलिया मोगामी– श्रेणी के युद्धपोत सौदे का सामरिक महत्व
यह युद्धपोत सौदा जापान द्वारा किसी परिचालन युद्धपोत की पहली बिक्री होगी और 2014 में देश द्वारा रक्षा या सैन्य निर्यात पर प्रतिबंध हटाए जाने के बाद से यह सबसे महत्वपूर्ण सौदों में से एक होगा।[xii] इसके अलावा, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच "रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण"[xiii] के संबंध में 2014 में हुए समझौते को संभावित हस्तांतरण प्रतिबंधों के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए कहा गया है।[xiv]
ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोत सौदे में जीत को जापान के रक्षा निर्यात प्रयासों की पुष्टि भी माना जा रहा है, विशेष रूप से 2016 में ऑस्ट्रेलिया के पनडुब्बी अनुबंधों को फ्रांस के हाथों मामूली अंतर से गंवाने के बाद।[xv] इस युद्धपोत सौदे ने जापान के अपरीक्षित ट्रैक रिकॉर्ड के सापेक्ष जोखिमों पर कई विशेषज्ञों की राय को भी दरकिनार कर दिया है। जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी ने कहा कि यह सौदा जापान की उच्च तकनीकी क्षमताओं की विश्वसनीयता का प्रमाण है और ऑस्ट्रेलिया के साथ सुरक्षा सहयोग को विशेष रणनीतिक साझेदारी से और भी अधिक ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।[xvi]
उन्नत मोगामी– श्रेणी के युद्धपोत सौदे को जापान की रक्षा कूटनीति की भू– राजनीतिक जीत माना जा सकता है क्योंकि देश ने इससे पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर युद्धपोत निर्यात समझौता नहीं किया है।[xvii] यह युद्धपोत सौदा एक और मील का पत्थर साबित होगा जो रक्षा क्षेत्र में जापान की बढ़ती तकनीकी क्षमता को मान्यता देता है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि यह देश ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (जीसीएपी/ GCAP) का भी अंग है, प्रोग्राम 2022 में शुरु किया गया था और इसमें यूके, इटली और जापान के बीच औपचारिक साझेदारी है।[xviii]
रणनीतिक रूप से, यह समझौता जापान और ऑस्ट्रेलिया को ऐसे समय में और करीब लाता है जब चीन की बढ़ती शक्ति के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। हालाँकि ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने इस सौदे को प्रभावित करने में चीन की भूमिका को कम करके आंका लेकिन क्षेत्रीय संदर्भ कुछ और ही बयां करते हैं। सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अपने सैन्य व्यय में 7.0 प्रतिशत की वृद्धि कर उसे अनुमानतः 314 बिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया है जो 2024 में लगातार तीन दशकों से हो रही वृद्धि को दर्शाता है।[xix] नए युद्धपोतों से ऑस्ट्रेलिया की शक्ति प्रक्षेपण क्षमता में वृद्धि होने की आशा है, जैसा कि मार्ल्स कहते हैं “यह हमारी नौसेना को प्रक्षेपण क्षमता प्रदान करने के संदर्भ में वास्तव में महत्वपूर्ण होगा और प्रभावशाली प्रक्षेपण रणनीतिक चुनौती के केंद्र में है।”[xx]
इसके अनुरूप, जापान ने अपने 2023 संशोधित “रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर तीन सिद्धांतों” के माध्यम से कहा है कि “रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी का विदेशों में हस्तांतरण शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रमुख नीतिगत साधन है, विशेष रूप से हिंद– प्रशांत क्षेत्र में, बल पूर्वक यथास्थिति में एकतरफा परिवर्तन को रोकने हेतु, जापान के लिए एक वांछनीय सुरक्षा माहौल बनाने हेतु और उन देशों की मदद करने हेतु जो अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन, बल के प्रयोग या सैन्यदल पर संकट की समस्या से जूझ रहे हों”।[xxi]
जापान– ऑस्ट्रेलिया मोगामी– श्रेणी के युद्धपोत सौदे का निहितार्थ
जापान की ऑस्ट्रेलिया के साथ सौदा करने में सफलता, विशेष रूप से जर्मनी की थिसेनक्रुप (जो सैन्य निर्यात क्षेत्र में प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड रखने वाली कंपनी) से प्रतिस्पर्धा के बाद, टोक्यो को दूसरे जगहों पर युद्धपोत सौदों के लिए बोली लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी क्योंकि इससे भविष्य में निर्यात के अवसर खुलेंगे। वैश्विक सैन्य युद्धपोत बाज़ार में ज़ोरदार वृद्धि हो रही है, अनुमानों के अनुसार यह 2025 में 24.03 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2032 तक 3.82 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ 36.31 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाएगा।[xxii] व्यापक नौसैनिक जहाज बाज़ार का मूल्य 2024 में 71.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और 2033 तक इस बाज़ार 110.25 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो जाने की उम्मीद है।[xxiii]

स्रोत: मार्केट एंड डेटा 2025; आईएमएआरसी (IMARC) 2025
यह सौदा जापान को अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक निर्यात बाज़ार में एक गंभीर प्रतियोगी बनाता है जिस पर परंपरागत रूप से यूरोपीय देशों (जर्मनी, फ्रांस, यूके, स्पेन) और अमेरिका का दबदबा है। हिंद– प्रशांत क्षेत्र वैश्विक रक्षा बाज़ार का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा है जहाँ नौसेना व्यय में विशेष वृद्धि देखी जा रही है।[xxiv] इसके अलावा जापान के पास अप्रैल 2023 से ही आधिकारिक सुरक्षा सहायता (ओएसए) मौजूद है, जिसके तहत वह विकासशील देशों की सुरक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने और उनकी निवारक क्षमताओं में सुधार करने का प्रयास करता है जो सैद्धांतिक रूप से जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ– साथ वैश्विक सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।[xxv] जापान द्वारा फिलीपींस जैसे कुछ दक्षिण– पूर्व एशियाई देशों को रडार प्रणाली और प्रयुक्त जहाज की आपूर्ति किए जाने के कारण, इस सौदे का उपयोग ओएसए साझेदारों को जापान के रक्षा निर्यात की विश्वसनीयता के संबंध में आश्वासन देने के लिए भी किया जा सकता है।
द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्त होने के बाद जापान द्वारा शांतिवादी संविधान अपनाने के मद्देनज़र रक्षा निर्यात में वृद्धि की दीर्घकालिक प्रगति को लेकर घरेलू आधार पर सवाल उठ सकते हैं। 20 जुलाई 2025 को, सत्तारूढ़ एलडीपी– कोमितो गठबंध ने उच्च सदन के चुनावों में बहुमत खो दिया, उनकी कुल सीटें 141 से घटकर 122 हो गईं।[xxvi] अक्टूबर 2024 में निचले सदन के चुनावों के बाद से यह उनका लगातार दूसरा बहुमत नुकसान था। दोनों सदनों में बहुमत का नुकसान यह दर्शाता है कि लोगों में एक अंतर्निहित मतदाता असंतोष है, विशेष रूप से सुस्त अर्थव्यवस्था, बढ़ती कीमतों और एलडीपी से जुड़े राजनीतिक घोटालों को लेकर। जापान के घरेलू हालात को देखें तो 10 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के इस युद्धपोत सौदे से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, संबंधित उद्योगों में वृद्धि के कारण रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थिरता आएगी, तो इससे इशिबा सरकार को सार्वजनिक असंतोष को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस समझौते का एक और बड़ा नहितार्थ जापान में युद्धोत्तर शांतिवाद पर काबू पाने का संकेत है। लंबे समय तक शांतिवादी रुख बनाए रखने के बाद जापान ने 2014 में ही अपने रक्षा निर्यात दिशानिर्देशों में ढील दे दी थी। अमेरिका द्वारा हिरोशिमा पर बमबारी की 80वीं वर्षगांठ भी 6 अगस्त 2025 को धूमधाम से मनाई गई। [xxvii] युद्धोत्तर जापान के शांतिवादी रुख के इतिहास को ध्यान में रखते हुए कुछ लोग इस युद्धपोत सौदे को वैश्विक सुरक्षा में टोक्यो की एक अधिक मुखर और उत्तरदायी भूमिका के रूप में देख सकते हैं। यह सौदा राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित खतरों को रोकने के लिए जापान के रक्षा उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निष्कर्ष
जापान– ऑस्ट्रेलिया युद्धपोत सौदा समकालीन भू– राजनीति, विशेष रूप से हिंद– प्रशांत क्षेत्र में, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आ चुका है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए साझा नज़रिए पर अभिसरण और दबाव के विरुद्ध सामूहिक क्षमताओं को मजबूत करने का संकेत देता है। यदि इस युद्धपोत सौदे का संबंधित जापानी उद्योगों पर प्रभात पड़ता है तो इससे घरेलू निवेश और रोजगार में जापान की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है और संभवतः जनता में असंतोष भी कम हो सकता है।
सौदे में कीमत को अंतिम रूप देना, रखरखाव और उत्पादन एवं तकनीक का हस्तांतरण ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है क्योंकि यह सौदा जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। जापान– ऑस्ट्रेलिया युद्धपोत सौदा वैश्विक रक्षा सहयोग में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दिखाता है जिसका अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बाज़ार, क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे और वैश्विक रक्षा औद्योगिक साझेदारियों पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। समझौते के सफल समापन और परिणामों के क्रियान्वयन से जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी का मूल्यवर्धन और गहनता बढ़ेगी।

स्रोत: लेखक; सॉफ्टवेयर - कैनवा
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*डॉ. तुनचिनमंग लैंगेल, शोध अध्येता, भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए/ ICWA)
अस्वीकरण: व्यक्त किए गए विचार व्यक्तिगत हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण
[i] Kyodo News, 2025, “Australia to prioritize Japan as frigate development partner”, August 5, 2025, https://english.kyodonews.net/articles/-/58624 (Accessed August 6, 2025)
[ii] Phil Mercer, 2024, “Australia Unveils Multi-Billion Dollar Navy Overhaul”, Voice of America, February 20, 2024, https://www.voanews.com/a/australia-unveils-multi-billion-dollar-navy-overhaul/7494655.html (Accessed August 6, 2025)
[iii] Kirsty Needham, Tim Kelly and Alasdair Pal, 2025, “Japan clinches landmark $6.5 billion warship deal with Australia to counter China”, Reuters, August 5, 2025, https://www.reuters.com/world/asia-pacific/japan-clinches-landmark-65-billion-warship-deal-with-australia-counter-china-2025-08-04 (Accessed August 6, 2025)
[iv] Kyodo News, 2025, “Australia to prioritize Japan as frigate development partner”, August 5, 2025, https://english.kyodonews.net/articles/-/58624 (Accessed August 6, 2025)
[v] The Asahi Shimbun, 2025, “Australia frigate contract a major step in defense cooperation for Japan”, August 5, 2025, https://www.asahi.com/ajw/articles/15949356 (Accessed August 6, 2025)
[vi] Tom McIlroy, 2025, “Absolutely the best ship: Japan wins $10bn contract to grow Australia’s war fleet”, The Guardian, August 5, 2025, https://www.theguardian.com/australia-news/2025/aug/05/australia-to-buy-japan-mitsubishi-heavy-industries-mogami-class-frigates-navy-war-fleet-richard-marles (Accessed August 6, 2025)
[vii] Kirsty Needham, Tim Kelly and Alasdair Pal, 2025, “Japan clinches landmark $6.5 billion warship deal with Australia to counter China”, Reuters, August 5, 2025, https://www.reuters.com/world/asia-pacific/japan-clinches-landmark-65-billion-warship-deal-with-australia-counter-china-2025-08-04 (Accessed August 6, 2025)
[viii] Australian Government, 2025, “Mogami-class frigate selected for the Navy’s new general purpose frigates”, August 5, 2025, https://www.minister.defence.gov.au/media-releases/2025-08-05/mogami-class-frigate-selected-navys-new-general-purpose-frigates (Accessed August 6, 2025)
[ix] The Asahi Shimbun, 2025, “Australia frigate contract a major step in defense cooperation for Japan”, August 5, 2025, https://www.asahi.com/ajw/articles/15949356 (Accessed August 6, 2025)
[x] Navy Lookout, 2025, “Australia set to buy Japanese Mogami-class frigates”, August 4, 2025, https://www.navylookout.com/australia-set-to-buy-japanese-magami-class-frigates/ (Accessed August 6, 2025)
[xi] Australian Government, 2025, “Mogami-class frigate selected for the Navy’s new general purpose frigates”, August 5, 2025, https://www.minister.defence.gov.au/media-releases/2025-08-05/mogami-class-frigate-selected-navys-new-general-purpose-frigates (Accessed August 6, 2025)
[xii] Ministry of Foreign Affairs of Japan, 2023, “The Three Principles on Transfer of Defense Equipment and Technology”, December 5, 2023, https://www.mofa.go.jp/fp/nsp/page1we_000083.html (Accessed August 6, 2025)
[xiii] Ministry of Foreign Affairs of Japan, 2014, “Signing of the Agreement between the Government of Japan and the Government of Australia concerning the Transfer of Defence Equipment and Technology”, July 8, 2014, https://www.mofa.go.jp/press/release/press4e_000349.html (Accessed August 6, 2025)
[xiv] Gabriel Dominguez and Jesse Johnson, 2025, “Australia announces new warships will come from Japan”, August 5, 2025, https://www.japantimes.co.jp/news/2025/08/05/japan/japan-australia-mogami-contract/ (Accessed August 6, 2025)
[xv] Tim Kelly, Cyril Altmeyer and Colin Packham, 2016, “How France sank Japan's $40 billion Australian submarine dream”, Reuters, April 29, 2016, https://www.reuters.com/article/world/how-france-sank-japans-40-billion-australian-submarine-dream-idUSKCN0XQ1FC/ (Accessed August 6, 2025)
[xvi] Kirsty Needham and Nobuhiro Kubo, 2025, “Australia selects Mitsubishi Heavy Industries for next frigate, Japan's nine-year comeback”, Reuters Japan¸ August 5, 2025, https://jp.reuters.com/markets/japan/funds/KROMAOKCY5NILA2R6F62MZ4UME-2025-08-04/ (Accessed August 6, 2025)
[xvii] The Conversation, 2025, “Australia’s new frigate deal with Japan plugs a few critical holes, but doesn’t come without risks”, August 5, 2025, https://theconversation.com/australias-new-frigate-deal-with-japan-plugs-a-few-critical-holes-but-doesnt-come-without-risks-262612 (Accessed August 6, 2025)
[xviii] UK Parliament, 2024, “What is the Global Combat Air Programme (GCAP)?”, November 14, 2024, https://commonslibrary.parliament.uk/research-briefings/cbp-10143/ (Accessed August 6, 2025)
[xix] SIPRI, 2025, “Unprecedented rise in global military expenditure as European and Middle East spending surges”, April 28, 2025, https://www.sipri.org/media/press-release/2025/unprecedented-rise-global-military-expenditure-european-and-middle-east-spending-surges (Accessed August 8, 2025)
[xx] Al Jazeera, 2025, “Australia, Japan strike largest defence deal for advanced warships”, August 5, 2025, https://www.aljazeera.com/news/2025/8/5/australia-japan-strike-largest-defence-deal-for-advanced-warships (Accessed August 6, 2025)
[xxi] Ministry of Defense of Japan, 2025, “Three Principles on Transfer of Defense Equipment and Technology”, December 22, 2023, https://www.mod.go.jp/atla/en/policy/pdf/detc_01_01_three_principles_20231222.pdf (Accessed August 6, 2025)
[xxii] Markets & Data, 2025, “Global Military Frigates Market Assessment, By Type [Anti-Submarine Warfare, Multi-Mission, Air Defense], By System [Anti-Submarine Systems, Anti-Ship Systems, Anti-Air Defense Systems], By Application [Patrol, Escort, Others], By Region, Opportunities and Forecast, 2018-2032F”, June 2025, https://www.marketsandata.com/industry-reports/military-frigates-market (Accessed August 8, 2025)
[xxiii] IMARC, 2025, “Warship and Naval Vessels Market Size, Share, Trends and Forecast by Type, Application, and Region, 2025-2033”, March 2025, https://www.imarcgroup.com/warship-naval-vessels-market (Accessed August 8, 2025)
[xxiv] Research and Markets, 2024, “Defense Global Market Opportunities and Strategies to 2033”, March 2024, https://www.researchandmarkets.com/reports/5720994/defense-global-market-opportunities-and (Accessed August 8, 2025)
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