30 अक्टूबर 2025 को साइप्रस गणराज्य के विदेश मंत्री महामहिम डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस द्वारा 'साइप्रस और विश्व' विषय पर आयोजित 55वें सप्रू हाउस व्याख्यान में विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के राजदूत सिबी जॉर्ज (सचिव पश्चिम) का विशेष संबोधन
महामहिम साइप्रस गणराज्य के विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस,
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर,
महामहिम श्री एवागोरस वेयोनाइड्स, भारत में साइप्रस गणराज्य के उच्चायुक्त,
महामहिम राजदूत थेसालिया सलीना शम्बोस, राजनीतिक निदेशक, साइप्रस गणराज्य के विदेश मंत्रालय
सुश्री नूतन कपूर महावर, आईसीडब्ल्यूए की कार्यवाहक महानिदेशक,
विशिष्ट अतिथिगण,
देवियो और सज्जनों,
नमस्ते, शुभ संख्या!
मैं साइप्रस गणराज्य के महामहिम विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस और उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का भारत में हार्दिक स्वागत करता हूँ। भारतीय वैश्विक परिषद में 55वें सप्रू हाउस व्याख्यान हेतु मंत्री कोम्बोस का यहाँ आना हम सभी के लिए गौरव की बात है। हम यहाँ महामहिम विदेश मंत्री को सुनने आए हैं। इसलिए मैं अपनी टिप्पणी के लिए बहुत अधिक समय नहीं लूँगा।
2. भारत और साइप्रस के बीच काफी समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जून 2025 में साइप्रस की ऐतिहासिक यात्रा की, जो भारत के किसी प्रधानमंत्री द्वारा दो दशकों से अधिक के अंतराल के पश्चात की गई थी। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को बेहद ज़रुरी गति मिली है। इस यात्रा के दौरान साइप्रस गणराज्य और भारत गणराज्य के बीच व्यापक साझेदारी के कार्यान्वयन पर एक संयुक्त घोषणा जारी की गई। इसके पश्चात्, अगले पाँच वर्षों के लिए द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करने हेतु भारत के विदेश मंत्री और विदेश मंत्री कोम्बोस द्वारा एक संयुक्त कार्य योजना तैयार और अनुमोदित की गई है।
3. हमारे संबंध आपसी सम्मान, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और संयुक्त रणनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित एक व्यापक साझेदारी के रूप में बने हैं। साइप्रस आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में एक प्रमुख साझेदार है। माननीय प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद से, साइप्रस के अनुसंधान, नवोन्मेष और डिजिटल नीति उपमंत्री एवं साइप्रस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सहित कई उच्च-स्तरीय यात्राएं हुई हैं, और आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण यात्राओं की योजना भी है।
4. चूँकि साइप्रस गणराज्य 1 जनवरी 2026 से यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है, मैं इस अवसर पर '21वीं सदी में भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक अभिसरण' पर प्रकाश डालना चाहूँगा।
5. विगत एक दशक से भी अधिक समय से, भारत ने माननीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की एक उल्लेखनीय यात्रा शुरू की है। आज, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत 2047 तक, जब इसकी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे, एक विकसित राष्ट्र, "विकसित भारत" बनने के स्पष्ट विज़न और महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ रहा है। इस परिवर्तनकारी अमृत काल यात्रा में यूरोप भारत का एक महत्वपूर्ण भागीदार है।
6. मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में, भारत और यूरोपीय संघ - दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे विविध समाज - प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और संवाद को चुन रहे हैं। हम सब मिलकर विश्व की 25% जनसंख्या और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25% हैं।
7. भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता अभिसरण गहन उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान में जाहिर है। फरवरी में ईयू कॉलेज ऑफ कमिशनर्स की भारत यात्रा एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर थी। भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) व्यापार एवं तकनीकी के सभी पहलुओं, जैसे सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई, ग्रीन एनर्जी और आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग को बढ़ाने की एक अनूठी व्यवस्था है। यूरोपीय संघ के केवल दो ऐसे टीटीसी हैं, एक अमेरिका के साथ और दूसरा भारत के साथ।
8. हम यूरोपीय संघ के 'नए रणनीतिक यूरोपीय संघ-भारत एजेंडा' की सराहना करते हैं। रणनीतिक एजेंडे में उल्लिखित कई मार्गों पर पहले से ही चर्चा चल रही है, जिनमें भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी को अंतिम रूप देना शामिल है।
महामहिम, विशिष्ट अतिथिगण, प्रिय मित्रों,
9. मैं यह रेखांकित करते हुए अपनी बात खत्म करना चाहूँगा कि भारत और यूरोपीय संघ के हितों, क्षमताओं एवं आकांक्षाओं के रणनीतिक अभिसरण में 21वीं सदी को आकार देने की क्षमता है। इस यात्रा में साइप्रस गणराज्य भारत का एक घनिष्ठ मित्र और विश्वसनीय साझेदार है, और निश्चित रूप से, सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में एक प्रमुख भागीदार है।
10. अब मैं साइप्रस के महामहिम विदेश मंत्री को "साइप्रस और विश्व" विषय पर 55वें सप्रू हाउस व्याख्यान देने हेतु आमंत्रित करता हूँ।
धन्यवाद!
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