सारांश: सीरिया और इराक अगस्त 2025 में किरकुक-बनियास पाइपलाइन को फिर से चालू करने पर सहमत हुए हैं। विगत 22 वर्षों से बंद पड़ी यह पाइपलाइन दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सीरिया और इराक के बीच अच्छे संबंध बनाने में भी मदद कर सकती है। इस पाइपलाइन के ज़रिए सीरिया को पारगमन शुल्क (ट्रैन्ज़िट फीस) के रूप में राजस्व मिलेगा, क्योंकि यह किरकुक से भूमध्य सागर तक पाइपलाइन का संचालन करेगा। दूसरी ओर, यह पाइपलाइन इराक को भूमध्य सागर और उसके आगे यूरोपीय बाजार तक सीधी पहुँच प्रदान करती है। हालाँकि, इसमें कई चुनौतियों का सामना करना होगा, क्योंकि पाइपलाइन को फिर से चालू करने का रास्ता काफी कठिन है।
प्रस्तावना
11 अगस्त 2025 को, इराक के प्रधानमंत्री शिया अल-सुदानी और राष्ट्रपति अल-शरा की संक्रमणकालीन सरकार के सीरियाई ऊर्जा मंत्री एवं सीरियाई कार्यवाहक सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री मोहम्मद अल-बशीर, सीरियाई मंत्री की बगदाद यात्रा के दौरान किरकुक-बनियास पाइपलाइन को फिर से चालू करने करने पर सहमत हुए। इस पाइपलाइन का निर्माण पहली बार 1952 में हुआ था और इसपर 1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध सहित कई चुनौतियों का प्रभाव पड़ा। 2003 में इराक पर आक्रमण के बाद से यह पाइपलाइन बंद है। बीस वर्षों के बाद इस पाइपलाइन को फिर से चालू करने का निर्णय इराक और सीरिया, दोनों में और व्यापक पश्चिम एशियाई भू-राजनीति में बड़े बदलावों के दौरान लिया गया है। यह शोधपत्र इस पाइपलाइन की प्रकृति और आज इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित करने का प्रयास करता है, साथ ही इसको फिर से चालू करने में आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डालता है।
ऐतिहासिक अवलोकन
किरकुक-बनियास पाइपलाइन का निर्माण 1952 में इराक के किरकुक प्रांत से सीरिया के भूमध्यसागरीय बंदरगाह बनियास तक किया गया था।[i] उस समय, इस पाइपलाइन की क्षमता 3,00,000 बैरल प्रतिदिन थी।[ii] यह इराक के किरकुक स्थित के1 पंपिंग स्टेशन से सीरिया के बनियास तक 800 किलोमीटर से अधिक लंबी थी, जिसका एक ट्रांजिट हब इराक के हदीथा स्थित के3 पंपिंग स्टेशन था।[iii] इस समानांतर पाइपलाइन ने किरकुक के तेल क्षेत्रों को लेबनान के त्रिपोली से जोड़ा।[iv]
नैपकिन एआई का उपयोग करके लेखक द्वारा बनाया गया इन्फोग्राफिक

यह चित्र लेखक द्वारा गूगल अर्थ का उपयोग करके तैयार किया गया है। डेटा यूएस लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस के "मैप ऑफ द नियर ईस्ट" से लिया गया है, जो https://www.loc.gov/resource/g7420.ct003746/ पर उपलब्ध है।
हालाँकि, यह पाइपलाइन कई संघर्षों की वजह से प्रभावित रही है, और सीरिया द्वारा ईरान का पक्ष लेने की वजह से 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बंद हो गई थी।[v] 1990 में कुवैत संकट के बाद जब इराक संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से निपटने करने की कोशिश कर रहा था, तब 2000 में पाइपलाइन कुछ समय हेतु फिर से चालू हुई थी। लेकिन 2003 में इराक पर अमेरिकी आक्रमण के दौरान इसे भारी नुकसान हुआ और तब से यह बंद है।
पाइपलाइन को फिर से चालू करने के कई प्रयास किए गए हैं। 2007 में, रूसी तेल कंपनी गज़प्रोम ने पाइपलाइन की मरम्मत हेतु बोली लगाई थी।[vi] हालाँकि, वित्तीय कारणों से यह परियोजना 2009 तक आगे नहीं बढ़ पाई, और किसी नई पाइपलाइन का निर्माण करना काफी खर्चीला था।[vii] इसके बाद सितंबर 2010 में दो अलग-अलग पाइपलाइनों के निर्माण की योजना बनाई गई, लेकिन उसे भी टाल दिया गया।[viii] सीरिया में अल-असद शासन के हटने के बाद 2024 के अंत में वार्ता का नया दौर शुरू हुआ, और दोनों पक्षों ने अगस्त 2025 की अपनी बैठक में पाइपलाइन के संभावित पुनर्निर्माण पर काम शुरू करने पर औपचारिक सहमति व्यक्त की।
इराक और सीरिया के लिए इसका महत्व
इराक
तेल एवं पेट्रोलियम निर्यातक देशों (ओपेक) में सऊदी अरब के पश्चात् दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक होने के नाते, इराक फारस की खाड़ी से होकर जाने वाले मार्गों पर निर्भर रहा है।[ix] होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे संवेदनशील सामरिक अवरोधों में से एक है, और इसमें किसी भी तरह की बाधा इराक की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान का कारण बनती है, क्योंकि इराक की अर्थव्यवस्था का लगभग 90 प्रतिशत राजस्व तेल निर्यात से आता है। इस संबंध में, किरकुक-बनियास पाइपलाइन इराक के तेल निर्यात हेतु उत्तर की ओर एक वैकल्पिक मार्ग हो सकती है।
इससे पहले, किरकुक-सेहान पाइपलाइन एक वैकल्पिक मार्ग था, लेकिन इराक-तुर्की संबंधों में व्यवधान के कारण यह भी प्रभावित हुआ है। इस पाइपलाइन से प्रतिदिन औसतन 450,000 बैरल कच्चा तेल ले जाया जाता है,[x] जिससे इराक को अपने दक्षिणी बंदरगाहों, अल बसरा ऑयल टर्मिनल और खोर अल अमाया ऑयल टर्मिनल के अलावा एक अन्य मार्ग मिल जाता है। हालाँकि, 2023 से यह पाइपलाइन बंद है, जबसे इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) की मध्यस्थता फैसले में तुर्की को 2014 और 2018 के बीच कुर्द क्षेत्रीय सरकार (केआरजी) द्वारा इराकी तेल के अवैध निर्यात हेतु 1.5 बिलियन डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया था।[xi] इसके अलावा, इस पाइपलाइन को लेकर इराक और तुर्की के बीच समझौता जुलाई 2026[xii] में खत्म होने वाला है, जिससे इराक के पास अपने तेल संसाधनों को बेचने के विकल्प और भी कम हो जाएँगे। किरकुक-बनियास पाइपलाइन संभवतः इस कमी को दूर कर सकती है और तेल मार्गों में विविधता लाने के इराक के प्रयासों को देखते हुए यह एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
किरकुक को लेकर हमेशा से इराकी सरकार और कुर्द बलों के बीच टकराव होता रहा है। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (केआरजी) इस शहर को अपनी राजधानी बताती है, लेकिन 2017 से, जब से इराकी बलों ने इस पर कब्ज़ा किया है, यह इराकी नियंत्रण में है।[xiii] हालाँकि, कुर्दों और इराकी सरकार के बीच टकराव खत्म नहीं हुआ है और आज भी जारी है क्योंकि वे किरकुक को लेकर अभी भी लड़ रहे हैं, मुख्यतः इसके तेल संसाधनों के कारण।[xiv] किरकुक-सेहान पाइपलाइन केआरजी हेतु राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत थी।[xv] किरकुक-बनियास पाइपलाइन को फिर से खोलने से इराक को कुर्दों और केआरजी पर बढ़त मिल सकती है।
सीरिया
गृहयुद्ध से पहले, सीरिया अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में काफ़ी हद तक आत्मनिर्भर था और तेल का निर्यात भी कर सकता था, जिससे 20 प्रतिशत सरकारी राजस्व मिलता था।[xvi] हालाँकि, लंबे समय तक चले युद्ध से प्रमुख तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्रों को नुकसान पहुँचा।[xvii] इसके अलावा, अमेरिका समर्थित कुर्द उग्रवादी समूह पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट्स (वाईपीजी) जैसे समूहों ने सीरियाई तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया।[xviii] इन कारणों से सीरिया तेल आयात पर निर्भर हो गया। बशर अल-असद के शासन के दौरान, ईरान सीरिया की तेल ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करता था। लेकिन उनके सत्ता से बेदखल होने के बाद, ईरान ने अपनी तेल आपूर्ति बंद कर दी है और 2011 से असद के शासन को समर्थन देने हेतु किए गए तेल आपूर्ति और निवेश के लिए 30-50 बिलियन डॉलर के शुल्क की माँग की है। हालाँकि, अल-शरा सरकार ने भुगतान करने से इनकार कर दिया है और युद्ध के दौरान ईरान द्वारा पहुँचाए गए नुकसान की भरपाई हेतु 300 बिलियन डॉलर की माँग की है।[xix] यह असद के बाद सीरिया में ईरानी प्रभाव में गिरावट को भी दर्शाता है।
पाइपलाइन उन माध्यमों में से एक है जिससे नई अल-शरा सरकार सीरिया को क्षेत्रीय आर्थिक एवं भू-राजनीतिक मानचित्र पर खुद को स्थापित करने का प्रयास कर रही है, और तेल इस उद्देश्य को हासिल करने की रणनीतियों में से एक बन गया है। जहाँ अल-शरा सरकार सीरियाई तेल क्षेत्रों पर पुनः नियंत्रण पाने का प्रयास कर रही है और उसे इसमें कुछ सफलता भी मिली है, वहीं किरकुक-बनियास पाइपलाइन से सीरिया को सस्ता तेल व साथ ही पारगमन शुल्क भी मिल सकता है जो इसके आर्थिक उद्देश्यों के लिए बेहद आवश्यक है। इसके अलावा, पाइपलाइन को फिर से चालू करने की घोषणा के बाद, सीरियाई सरकार ने सितंबर 2025 में घोषणा की कि वह अगले वर्ष से बनियास रिफाइनरी का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण करेगी।[xx] यह पाइपलाइन तेल आयात हेतु समुद्री मार्गों पर सीरिया की अधिक निर्भरता को भी कम करेगी, जिसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़नी है और असुरक्षित भी रहता है।
एक पारगमन मार्ग के रूप में सीरिया का होना भूमध्यसागरीय बाजार और उसके आगे भी, यूरोप के आकर्षक बाजार में प्रवेश बिंदु के रूप में इसके भू-राजनीतिक महत्व पर भी जोर देता है। यूरोपीय बाजार इराकी कच्चे तेल का केंद्र बिंदु रहा है। 2024 में, ग्रीस ने लगभग 5.4 बिलियन डॉलर मूल्य का इराकी कच्चा तेल आयात किया, जिससे यह इराक के तेल का सबसे बड़ा यूरोपीय उपभोक्ता बन गया।[xxi] इसने 2023 की तुलना में इराक से ग्रीक तेल आयात में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।[xxii] इराक के तेल का एक अन्य महत्वपूर्ण गंतव्य इटली है, जिसने 2024 में इराक से 2.44 बिलियन डॉलर मूल्य का तेल आयात किया।[xxiii] पाइपलाइन के फिर से खुलने से इराक से तेल निर्यात की मात्रा में वृद्धि होने की उम्मीद की जा सकती है, क्योंकि निर्यात की दूरी और लागत में काफी कमी आएगी। इसके अलावा, स्पेन, ऑस्ट्रिया और सर्बिया जैसे अन्य यूरोपीय देश इराकी कच्चा तेल अधिक आसानी से और अपेक्षाकृत कम लागत पर पा सकेंगे। परिणामस्वरूप, सीरिया को बढ़े हुए पारगमन शुल्क से काफ़ी लाभ होगा, जो इस देश के लिए एक महत्वपूर्ण है क्योंकि वह संक्रमण के दौर से गुज़र रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी अहमियत को फिर से स्थापित करना चाहता है।
इराक और सीरिया दोनों के लिए, यह पाइपलाइन न केवल देश स्तर पर, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर भी प्रासंगिक है, क्योंकि हमेशा से दोनों देशों के बीच संबंध अच्छे नहीं रहे हैं। ईरान-इराक युद्ध के दौरान, सद्दाम हुसैन ने सीरिया के साथ, जो उस समय हाफ़िज़ अल-असद के अधीन था, ईरान के समर्थन के कारण संबंध तोड़ लिए थे।[xxiv] 2006 में ही संबंध बहाल हुए, लेकिन अच्छे संबंध नहीं रहे। सीरिया में अहमद अल-शरा के सत्ता में आने से इराक शुरू में अपनी पृष्ठभूमि के कारण अधिक आशंकित हो गया था। सीरिया की संक्रमणकालीन सरकार के गठन के साथ ये आशंकाएँ कुछ हद तक कम हो रही हैं। साथ ही, चूँकि दोनों देश 599 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, इसलिए यह ज़रूरी है कि दोनों देश और भी घनिष्ठ संबंध बनाएँ। किरकुक-बनियास पाइपलाइन का फिर से चालू होना इस दिशा में एक कदम हो सकता है, क्योंकि यह खामियों को कुछ हद तक कम करता है।
चुनौतियाँ
हालाँकि, किरकुक-बनियास पाइपलाइन के फिर से चालू होने से पहले कई चुनौतियों का सामना करना होगा। चूँकि यह पाइपलाइन दो दशकों से भी ज़्यादा समय से बंद पड़ी है, इसलिए अवसंरचना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।[xxv] पाइपलाइन की मरम्मत हेतु पर्याप्त धनराशि की ज़रुरत होगी, और अनुमान है कि इस परियोजना की लागत 8 बिलियन डॉलर तक हो सकती है।[xxvi] दोनों देशों में आर्थिक तनाव को देखते हुए, पाइपलाइन की मरम्मत एक कठिन काम होगा। एक अन्य बड़ी चुनौती सीरिया और इराक दोनों में लागू प्रतिबंधों से निपटना है।[xxvii] हालाँकि अमेरिकी पहल और अल-शरा के सत्ता संभालने के बाद से सीरियाई प्रतिबंधों में काफ़ी ढील आई है, लेकिन इराक में प्रतिबंधों का ऐसा कोई ख़ास रुख़ नहीं रहा है और यह जटिल बना हुआ है।
पाइपलाइन को फिर से चालू करने के समय कुर्द लोगों पर भी ध्यान में रखना होगा। इस पाइपलाइन से इराक को किरकुक के तेल पर ज़्यादा नियंत्रण मिल जाएगा, जिससे इराक में केआरजी के आर्थिक आधार को ख़तरा हो सकता है। किरकुक के तेल संसाधन बगदाद और केआरजी के बीच जारी तनातनी का एक प्रमुख कारण रहे हैं। केआरजी, एक स्वतंत्र तेल नीति[xxviii] का पालन करते हुए, किरकुक से तेल निर्यात के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करता था और किरकुक-सेहान पाइपलाइन का उपयोग करता था, जिससे उसे राजस्व मिलता था। किरकुक-बनियास पाइपलाइन के फिर से चालू होने से केआरजी का किरकुक के तेल संसाधनों पर नियंत्रण नहीं रहेगा। ऐसा होना पाइपलाइन को फिर से चालू करने में एक बड़ी बाधा पैदा कर सकता है, क्योंकि केआरजी बगदाद के साथ सहयोग करने से इनकार कर सकता है और प्रतिरोध कर सकता है। साथ ही, अल-शरा को वाईपीजी से निपटना होगा और तेल संसाधनों पर कब्ज़ा करना होगा। हालाँकि सीरिया के कुर्द क्षेत्र किरकुक-बनियास पाइपलाइन के मार्ग पर नहीं पड़ते, फिर भी इराकी कुर्दों के साथ स्थिति का सीरिया में कुर्दों की पाइपलाइन पर प्रतिक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है। यह चुनौती उत्तरी इराक में ईरान की सक्रियता और भी जटिल हो जाती है, जहाँ वह कताइब हिज़्बुल्लाह जैसे अर्धसैनिक संगठनों को समर्थन दे रहा है, जिससे पाइपलाइन के पुनर्निर्माण में बाधाएँ आ सकती हैं।
यह पाइपलाइन दक्षिणी खाड़ी बंदरगाहों से होकर गुजरने वाले इराकी तेल मार्गों की जगह ले लेगी। ऐसा होने से संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों को राजस्व का नुकसान होगा। इसके अलावा, नए सीरियाई शासन के अपने प्रारंभिक चरण में होने के कारण राजनीतिक अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है और देश का लोकतांत्रिक भविष्य फिलहाल कुछ हद तक अनिश्चित बना हुआ है।
निष्कर्ष
किरकुक-बनियास पाइपलाइन को फिर से चालू करना एक अवसंरचना परियोजना से कहीं अधिक का मामला है; यह एक भू-राजनीतिक वक्तव्य का प्रतीक है। यह इराक की ओर से निर्यात मार्गों में विविधता लाने, खाड़ी के अवरुद्ध क्षेत्रों से संपर्क कम करने और किरकुक के तेल संसाधनों पर अधिक नियंत्रण पाने के प्रयास का प्रतीक है। यह सीरिया हेतु सस्ती तेल आपूर्ति, पुनर्निर्माण प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद करने वाले पारगमन राजस्व और भूमध्यसागरीय ऊर्जा प्रवेश द्वार की भूमिका को फिर से शुरू करने के रूप में एक बेहद आवश्यक आर्थिक जीवनरेखा का भी प्रतीक है।
फिर भी, इसमें बाधाएँ बहुत अधिक हैं। युद्ध प्रभावित दोनों अर्थव्यवस्थाओं में 8 बिलियन डॉलर खर्च करके पाइपलाइन को फिर से चालू करने के लिए वित्तपोषण एक कठिन कार्य है; दोनों देशों पर प्रतिबंध की वजह से विदेशी निवेश को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, और कुर्दों का मुद्दा, जिसमें इराक का किरकुक और सीरिया का वाईपीजी दोनों शामिल हैं, परियोजना में राजनीतिक अस्थिरता लाने का जोखिम पैदा करता है। इसमें क्षेत्रीय विरोधियों के अस्थिरकारी प्रभाव के साथ-साथ खाड़ी निर्यातक शक्तियों का गहरा प्रभाव भी शामिल हो सकता है।
यदि यह पाइपलाइन फिर से चालू हो जाती है, तो इससे व्यापार के मार्ग बदल सकते हैं, क्षेत्रीय संरेखणों में पुनः वितरण हो सकता है, और इराक तथा सीरिया को विदेश नीति में और अधिक रणनीतिक गहराई प्रदान कर सकती है। हालाँकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दमिश्क और बगदाद आंतरिक संघर्षों को किस तरह से संभालते हैं, बाहरी शक्तियों का धैर्यपूर्वक सामना कर सकते हैं, और परियोजना के लिए आवश्यक संसाधन कैसे जुटा सकते हैं। इस नज़रिए से, किरकुक-बनियास पाइपलाइन परियोजना एक तेल परियोजना से कहीं अधिक है; यह राजनीतिक इच्छाशक्ति एवं शासन कौशल, पश्चिम एशिया में शक्ति के नाजुक संतुलन के साथ-साथ परियोजना के संभावित यूरोपीय लाभार्थियों हेतु इसमें राजनीतिक और वित्तीय दोनों तरह की पूंजी निवेश करने की एक अग्निपरीक्षा है।
*****
*स्तुति गोगोई, भारतीय वैश्विक परिषद, नई दिल्ली में शोध प्रशिक्षु हैं।
अस्वीकरण : यहां व्यक्त किए गए विचार निजी हैं।
डिस्क्लेमर: इस अनुवादित लेख में यदि किसी प्रकार की त्रुटी पाई जाती है तो पाठक अंग्रेजी में लिखे मूल लेख को ही मान्य माने ।
अंत टिप्पण:
[i] Mahmoud, Sinan. 2025. “Iraq and Syria Discuss Revival of Kirkuk–Baniyas Oil Pipeline.” The National, August 12, 2025. https://www.thenationalnews.com/news/mena/2025/08/12/iraq-and-syria-discuss-revival-of-kirkukbaniyas-oil-pipeline/.
[ii] Ibid.
[iii] Shafaaq News. 2025. “Kirkuk&Ndash;Baniyas Pipeline: Iraq&Rsquo;S Direct Oil Lifeline to the Mediterranean - Shafaq News.” Shafaq News, August 11, 2025. https://shafaq.com/en/Report/Kirkuk-Baniyas-Pipeline-Iraq-s-direct-oil-lifeline-to-the-Mediterranean.
[iv] Ahmed, Fatma. 2025. “Iraq Considers Exporting Oil Through the Historical Syrian Baniyas and Lebanese Tripoli Pipelines | Egypt Oil & Gas.” Egypt Oil & Gas | Connecting the Pieces. August 13, 2025. https://egyptoil-gas.com/news/iraq-considers-exporting-oil-through-the-historical-syrian-baniyas-and-lebanese-tripoli-pipelines/.
[v] Mahmoud, Sinan. 2025. “Iraq and Syria Discuss Revival of Kirkuk–Baniyas Oil Pipeline.” The National, August 12, 2025. https://www.thenationalnews.com/news/mena/2025/08/12/iraq-and-syria-discuss-revival-of-kirkukbaniyas-oil-pipeline/.
[vi] Salih, Diyari. 2019. “Russia and the Geopolitics of the Kirkuk-Baniyas Pipeline.” The Geopolitics. September 29, 2019. https://thegeopolitics.com/russia-and-the-geopolitics-of-the-kirkuk-baniyas-pipeline/.
[vii] “Iraq Explores Revival of Kirkuk-Baniyas Pipeline.” n.d. https://www.intellinews.com/iraq-explores-revival-of-kirkuk-baniyas-pipeline-378308/.
[viii] Ibid.
[ix] Öğütçü, Mehmet. 2025. “Kirkuk–Baniyas: The Oil Pipeline Project That Could Sideline Türkiye - Yetkin Report.” Yetkin Report. April 30, 2025. https://yetkinreport.com/en/2025/04/30/kirkuk-baniyas-the-oil-pipeline-project-that-could-sideline-turkiye/.
[x] Discovery Alert. 2025. “Iraq Oil Exports via Turkey Resume After Year-Long Shutdown.” August 6, 2025. https://discoveryalert.com.au/news/iraq-oil-exports-turkey-importance-2025/.
[xi] Soylu, Ragip. 2025. “Why Turkey Abruptly Cancelled an Iraqi Oil Pipeline Agreement.” Middle East Eye, July 22, 2025. https://www.middleeasteye.net/news/why-turkey-abruptly-cancelled-iraqi-oil-pipeline-agreement.
[xii] Ibid.
[xiii] “Competition Over Kirkuk: Between Internal Conflicts and Regional Rivalries.” n.d. The Washington Institute. https://www.washingtoninstitute.org/policy-analysis/competition-over-kirkuk-between-internal-conflicts-and-regional-rivalries.
[xiv] Ibid.
[xv] Öğütçü, Mehmet. 2025. “Kirkuk–Baniyas: The Oil Pipeline Project That Could Sideline Türkiye - Yetkin Report.” Yetkin Report. April 30, 2025. https://yetkinreport.com/en/2025/04/30/kirkuk-baniyas-the-oil-pipeline-project-that-could-sideline-turkiye/.
[xvi] Aozen. 2025. “Syria’s Energy Sector and Its Impact on Stability and Regional Developments - Atlantic Council.” Atlantic Council. January 17, 2025. https://www.atlanticcouncil.org/in-depth-research-reports/issue-brief/syrias-energy-sector-and-its-impact-on-stability-and-regional-developments/#:~:text=8,aid%20during%20the%20Assad%20period.
[xvii] Ibid.
[xviii] Ibid.
[xix] Ibid.
[xx] “Syria to Launch Major Modernization of Baniyas Oil Refinery - Shafaq News.” Shafaq News, September 14, 2025. https://www.shafaq.com/en/Economy/Syria-to-launch-major-modernization-of-Baniyas-oil-refinery.
[xxi] Shafaaq News. 2025a. “Greece Ranks Among Top Buyers of Iraqi Oil - Shafaq News.” Shafaq News, June 9, 2025. https://shafaq.com/en/Economy/Greece-ranks-among-top-buyers-of-Iraqi-oil#:~:text=Greece%2C%20along%20with%20Italy%20and,the%20first%20quarter%20of%202025.
[xxii] Ibid.
[xxiii] TRADING ECONOMICS. n.d. “Italy Imports From Iraq of Crude Oil - 2025 Data 2026 Forecast 1997-2024 Historical.” https://tradingeconomics.com/italy/imports/iraq/crude-oil-petroleum-bituminous-minerals.
[xxiv] Tran, Mark. 2018. “Iraq and Syria Resume Diplomatic Ties.” The Guardian, April 14, 2018. https://www.theguardian.com/world/2006/nov/21/iraq.syria.
[xxv] "Syria Attempts to Revive Oil Pipeline with Iraq." Iraqi News, September 26, 2023. https://www.iraqinews.com/iraq/syria-attempts-to-revive-oil-pipeline-with-iraq/.
[xxvi] Ibid.
[xxvii] The New Region. 2023. “The New Region,” October 10, 2023. https://thenewregion.com/posts/1274/iraq-eyes-revival-of-kirkuk-baniyas-oil-pipeline-to-diversify-export-routes.
[xxviii] The Fate of Kurdistan Region’s Oil Between Ceyhan and Baniyas, Draw Media https://drawmedia.net/page_detail?smart-id=17275.